कशेले गांव के पास सडक पर गड्ढे से हादसा, बडा नुकसान टला

* MSRDC की लापरवाही पर ग्रामीणों का आक्रोश, 16 फरवरी को उपोषण की चेतावनी

* 15 फरवरी तक मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज

कर्जत / नरेश जाधव :- कशेले गांव के पास पेट्रोल पंप के समीप सडक पर बने बडे गड्ढे के कारण एक बडा हादसा होते होते टल गया। गड्ढे से बचने के प्रयास में एक मोटरसाइकिल फिसल गई और पीछे से आ रही टोयोटा कार से हल्की टक्कर हो गई। कार चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सडक के नीचे उतार दिया, जिससे बडा नुकसान टल गया। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार के हाथ-पैर में मामूली चोटें आईं, जबकि टोयोटा कार के सभी एयरबैग खुल जाने से चालक को भी हल्की चोटें लगीं। सौभाग्य से किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई। हालांकि यह हादसा एक बार फिर सडक की बदहाल स्थिति और प्रशासन की उदासीनता को उजागर करता है।


* गड्ढों को भरने की बार-बार मांग, फिर भी अनदेखी :- इस मार्ग पर गड्ढों की वजह से लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। कशेले के ग्रामीणों ने कई बार एमएसआरडीसी (MSRDC) के अधिकारियों से सडक की मरम्मत की मांग की है। व्यापारी संगठनों ने भी आंदोलन और उपोषण की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे नागरिकों में भारी नाराजगी है।


* उपाध्यक्ष से मुलाकात, लिखित आश्वासन के बावजूद काम अधूरा :- पिछले महीने सामाजिक कार्यकर्ता उदय पाटील, पत्रकार दिनेश हरपूडे, राजू हरपूडे, सचिन राणे और विजय शिंदे ने एमएसआरडीसी के उपाध्यक्ष अनिलकुमार गायकवाड़ से मुलाकात कर सडक की तत्काल मरम्मत की मांग की थी। उपाध्यक्ष ने मौके पर ही उप अभियंता अरुण देवकाते को निर्देश दिए थे। इसके बाद उप अभियंता देवकाते ने ठेकेदार द्वारा 15 दिनों में मरम्मत कार्य पूरा करने का लिखित आश्वासन ग्रामीणों को दिया था। हालांकि, तय समय बीत जाने के बावजूद अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है।


* 'आज-कल काम शुरू होगा’ की आश्वासनबाजी :- सामाजिक कार्यकर्ता उदय पाटील द्वारा बार-बार अधिकारियों से संपर्क कर सडक मरम्मत की याद दिलाई गई, लेकिन हर बार “दो दिन में काम शुरू कर देंगे” कहकर समय टाला जा रहा है। प्रत्यक्ष रूप से काम शुरू न होने के कारण हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।


* क्या किसी की जान जाने के बाद जागेगा प्रशासन ? :- आज हुए हादसे में सौभाग्य से युवक की जान बच गई, लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी की जान जाने के बाद ही जागेगा ? सडक पर बने गड्ढों के कारण रोजाना वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे है।


* 15 फरवरी तक मरम्मत नहीं तो 16 को उपोषण :- कशेले के ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 15 फरवरी तक सडक की मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो 16 फरवरी को वे उपोषण पर बैठेंगे। समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि सडक पर बने खतरनाक गड्ढों को तुरंत भरकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए, अन्यथा जनता का धैर्य जवाब दे सकता है।

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