* नगरदेवला में घरों की छतों के ऊपर से गुजर रही ‘मेन लाइन’, हादसों को खुला न्योता
नगरदेवला / फिरोज पिंजारी :- नगरदेवला गांव के कई घरों के ऊपर से, खासतौर पर वार्ड क्रमांक 2 में, मुख्य उच्च दाब वाली बिजली की लाइन (मेन लाइन) गुजर रही है। इससे घरों की छतों पर आने-जाने वाले नागरिकों के लिए किसी भी समय करंट लगने और जानलेवा हादसा होने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
खतरे की जानकारी होने के बावजूद ग्राम पंचायत के प्रस्ताव, वर्तमान विधायक तथा पूर्व विधायक के पत्र देने के बाद भी महावितरण प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी इस तरह की खतरनाक स्थिति के कारण छोटे-मोटे हादसे हो चुके है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। आखिर और कितनी जानें जाने के बाद महावितरण जागेगा ? यह सवाल अब खुले तौर पर उठाया जा रहा है।
* घरों की छतों के ऊपर से गुजरती ‘मेन लाइन’ :- ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में मुख्य बिजली की लाइन सीधे घरों की छतों के ऊपर से गुजर रही है। बरसात के मौसम में नमी, तेज हवा में तारों का हिलना, छत पर कपडे सुखाना, मरम्मत कार्य या बच्चों का खेलना इन सभी कारणों से बिजली दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ जाती है। पहले भी कुछ नागरिकों को तारों के संपर्क में आने से करंट लगने की घटनाएं सामने आई है।
* ग्राम पंचायत का प्रस्ताव, फिर भी महावितरण की लापरवाही :- इस गंभीर समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत नगरदेवला ने मासिक बैठक में प्रस्ताव पारित कर महावितरण को आधिकारिक पत्र देकर बिजली की लाइन गांव के बाहर से ले जाने की मांग की है।
प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि घरों की छतों के ऊपर से गुजर रही मेन लाइन से नागरिकों की जान को खतरा है और भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। फिर भी महावितरण की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे प्रशासन की उदासीनता उजागर हो रही है।
* विधायक - पूर्व विधायक के पत्र भी बेअसर :- इस मुद्दे पर पाचोरा-भडगांव के विधायक किशोर आप्पा पाटील ने 28 जनवरी 2023 को महावितरण के कार्यकारी अभियंता को पत्र लिखकर उच्च दाब वाली तारों को गांव के बाहर से ले जाने का अनुरोध किया था। वहीं पूर्व विधायक दिलीप ओंकार वाघ ने 21 दिसंबर 2022 को जलगांव जिले के पालकमंत्री गुलाबराव पाटील तथा जिला प्रशासन और ऊर्जा विभाग को ज्ञापन देकर खतरनाक बिजली लाइनों को तुरंत स्थानांतरित करने की मांग की थी। इसके अलावा महावितरण शाखा नगरदेवला के उप अभियंता के नाम से ग्राम सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी ने भी पत्राचार किया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
* ग्रामीणों में आक्रोश : क्या हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन ? :- ना चेतावनी बोर्ड, ना अस्थायी सुरक्षा इंतजाम, ना ही तारों को हटाने की प्रक्रिया—महावितरण की इस लापरवाही से ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोग सवाल कर रहे है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा ?
* आंदोलन की चेतावनी :- यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की ओर से तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई है। भविष्य में कोई भी दुर्घटना होने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी महावितरण और संबंधित अधिकारियों पर होगी, ऐसा स्पष्ट रूप से कहा गया है।
* नागरिकों की प्रमुख मांगें :- घरों की छतों के ऊपर से गुजर रही उच्च दाब बिजली लाइनों को तुरंत गांव के बाहर स्थानांतरित किया जाए। जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक अस्थायी सुरक्षा उपाय और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। नगरदेवला के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते जागेगा, या किसी बडे हादसे के बाद ही हरकत में आएगा ?

