* जिला परिषद - पंचायत समिति चुनाव 2026
* खालापुर पंचायत समिति पर महायुति का वर्चस्व
* जिप में भाजपा, उबाठा, शिंदे शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस को अहम सीटों पर सफलता
खालापुर / मानसी कांबले :- जिला परिषद और पंचायत समिति 2026 के चुनाव परिणाम घोषित होते ही न केवल खालापुर तहसील बल्कि पूरे रायगढ़ जिले की राजनीति में हलचल मच गई है। 7 फरवरी को मतदान के बाद से ही उम्मीदवारों, नेताओं, कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की नजर इस सवाल पर टिकी थी कि खालापुर पंचायत समिति पर किसका वर्चस्व रहेगा।
नतीजे सामने आते ही तस्वीर साफ हो गई है कि तहसील स्तर पर भाजपा, शिवसेना (उबाठा), शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस को मिश्रित सफलता मिली है। किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से आगामी दिनों में सत्ता गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने के संकेत हैं।
* पंचायत समिति में विभिन्न दलों की जीत :- खालापुर तहसील की पंचायत समिति सीटों पर विभिन्न दलों ने जीत दर्ज कर अपनी ताकत दिखाई है।
चांभार्ली - अर्चना भोईर (भाजपा)
रिस - कृष्णा पारंगे (भाजपा)
चौक - कमल राम भस्मा (उबाठा)
हाळ खुर्द - रितेश बळीराम जाधव (शिंदे शिवसेना)
वाशिवली - गौरी महादेव गडगे (भाजपा)
सावरोली - प्रमिला महेश पाटील (उबाठा)
खानाव - रघुनाथ (भाई) शिंदे (शिंदे शिवसेना)
आत्कारगाव - देवयानी अजित देशमुख (राष्ट्रवादी कांग्रेस)
इन नतीजों से स्पष्ट है कि भाजपा, उबाठा और शिंदे शिवसेना ने अहम सीटों पर बढ़त बनाई है। पंचायत समिति में सत्ता गठन के लिए राजनीतिक समीकरण अब और रोचक हो गए है।
* जिला परिषद में भी संतुलित तस्वीर :- जिला परिषद गुटों में भी सभी प्रमुख दलों को सफलता मिली है।
15 चौक - वैशाली विष्णु खैर (शिवसेना उबाठा)
16 वासांबे - नेहा भूषण पारंगे (भाजपा)
17 सावरोली - संतोष गणेश बैलमारे (राष्ट्रवादी कांग्रेस)
18 आत्कारगाव - रेश्मा राजेश पाटील (शिंदे शिवसेना)
चारों प्रमुख दलों को एक-एक गुट मिलने से जिला परिषद में भी संतुलन की स्थिति बनी है और किसी एक दल का वर्चस्व नहीं रहा।
* कड़े मुकाबले, उत्साह का माहौल :- चौक, वासांबे, सावरोली और आत्कारगाव जैसे प्रमुख गुटों में कडा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिला। नतीजे घोषित होते ही समर्थकों ने फटाके फोड़कर और नारेबाजी कर जीत का जश्न मनाया। हालांकि स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण अब पंचायत समिति में सत्ता गठन को लेकर बातचीत, रणनीति और संभावित गठबंधनों पर सभी की नजरें टिकी है।
मिश्रित जनादेश से तहसील की राजनीति भले ही जटिल हो गई हो, लेकिन नागरिकों की अपेक्षा है कि सभी दल मिलकर सडक, पानी आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए समन्वय से काम करें। खालापुर तहसील के विकास के लिए कौनसी आघाड़ी बनती है और अगला नेतृत्व किसके हाथ में जाता है, इस पर पूरे रायगढ़ जिले की निगाहें टिकी हुई है।
