* महावितरण कार्यालय और पेट्रोल पंप होने के बावजूद सडक पर अंधेरा ; ग्राम पंचायत की लापरवाही पर नागरिकों का रोष
नगरदेवला / फिरोज पिंजारी :- नगरदेवला गांव से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली मुख्य सडक रात के समय पूरी तरह अंधेरे में डूब जाती है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। इस मार्ग पर श्री स्वामी समर्थ मंदिर, महावितरण का मुख्य कार्यालय, और पेट्रोल पंप जैसे महत्वपूर्ण स्थान मौजूद होने के बावजूद पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था नहीं है। खास बात यह है कि पेट्रोल पंप से दूसरे मोड़ तक लगभग 35 से 40 खंभों पर लाइटें लगाई गई है, लेकिन पेट्रोल पंप और महावितरण कार्यालय के पास लगी केवल दो लाइटें ही जल रही है, बाकी पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है।
इस मार्ग से रात के समय नागरिक, महिलाएं, विद्यार्थी तथा स्टेशन से आने-जाने वाले यात्री बडी संख्या में गुजरते है। रोशनी नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ गया है और लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। अंधेरे के कारण सडक के गड्ढे और मोड़ ठीक से दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए यह रास्ता और भी खतरनाक बन गया है।
महावितरण का कार्यालय इसी मार्ग पर होने के बावजूद लाइटें बंद क्यों है ? क्या बल्ब खराब है ? ग्राम पंचायत द्वारा रख-रखाव (मेंटेनेंस) नहीं किया जा रहा है ? क्या बिजली बिल बकाया है ? ऐसे कई सवाल नागरिक उठा रहे है। नगरदेवला गांव की यह मुख्य सडक होने के बावजूद ग्राम पंचायत द्वारा स्ट्रीट लाइटें चालू कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की जा रही है। नागरिकों का सवाल है कि क्या ग्राम पंचायत को ग्रामवासियों की सुरक्षा और चिंता की कोई परवाह नहीं है ?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात में टहलने निकलने पर अंधेरे के कारण डर लगता है। स्टेशन से देर रात लौटने वाले यात्रियों को रास्ता न दिखने से भारी परेशानी होती है। महिलाओं के लिए भी यह मार्ग असुरक्षित हो गया है। यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल भी उठ रहा है।
इस पृष्ठभूमि में नागरिकों की मांग है कि नगरदेवला - स्टेशन मार्ग पर सभी बंद स्ट्रीट लाइटें तुरंत चालू की जाएं, खराब लाइटों की मरम्मत की जाए और नियमित रख-रखाव की व्यवस्था बनाई जाएं। ग्राम पंचायत और महावितरण को आपसी समन्वय से तुरंत इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था बहाल करनी चाहिए, अन्यथा नागरिक आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दे रहे है।
