पंजाब की महिला सरपंचों का चालुक्यकालीन येरगी अध्ययन दौरा

* ग्रामवासियों के स्नेहिल स्वागत से भावुक हुईं अतिथि

* विरासत, स्वच्छता और विकास उपक्रमों की सराहना

देगलूर / संवाददाता :- पंजाब राज्य की महिला सरपंचों एवं पदाधिकारियों ने देगलूर तालुका स्थित चालुक्यकालीन ऐतिहासिक विरासत वाले येरगी गांव का भ्रमण कर प्राचीन स्थापत्यकला, जल-प्रबंधन और ग्राम विकास उपक्रमों का अध्ययन किया। यशदा, पुणे के माध्यम से आयोजित इस अध्ययन दौरे में येरगी ग्रामपंचायत, बालिका पंचायत राज, स्कूली छात्रों के लेझीम दल और ग्रामवासियों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत से अतिथि बेहद भावुक हो गईं।


* बालिका पंचायत राज की ओर से भव्य स्वागत :- गांव में प्रवेश करते ही अतिथियों के हाथों मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन कराया गया। इसके बाद बालिका पंचायत राज समिति की ओर से औपचारिक स्वागत हुआ। स्कूली छात्रों के लेझीम दल ने संगीतमय प्रस्तुति देकर सभी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर सरपंच संगीता पाटील मठवाले, खंड विकास अधिकारी श्रीकांत बलदे, सरपंच प्रतिनिधि संतोष पाटील, विस्तार अधिकारी बालाजी उमाटे, दत्तात्रेय कुरुंदे, ग्रामपंचायत अधिकारी राजेश तोटावाड सहित ग्रामपंचायत सदस्य व ग्रामीण उपस्थित रहे।


* गांव के प्रवेश द्वार पर पुष्पवर्षा :- शुक्रवार सुबह 11.30 बजे अतिथियों के गांव पहुंचते ही पुष्पगुच्छ भेंट कर फूलों की वर्षा से स्वागत किया गया। इस आत्मीय सत्कार से महिला सरपंच भावुक हो उठीं। 


* 'एक पेड मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण :- गांव में चल रहे ‘एक पेड मां के नाम’ अभियान की जानकारी देते हुए सडक के दोनों ओर महिला सरपंचों के हाथों वृक्षारोपण कराया गया। बालिका पंचायत पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपक्रमों की जानकारी साझा की।


* ग्राम सचिवालय में मार्गदर्शन और इतिहास का प्रस्तुतीकरण :- ग्राम सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच संगीता पाटील मठवाले ने की। खंड विकास अधिकारी श्रीकांत बलदे ने प्रस्तावना रखी, जबकि सरपंच प्रतिनिधि संतोष पाटील ने येरगी के ऐतिहासिक वैभव पर प्रकाश डाला। 11 वीं सदी के चालुक्य राजवंश का निवासस्थान, केशवेश्वर व सरस्वती मंदिर, शिलालेख और प्राचीन स्थापत्य के नमूनों की जानकारी दी गई। बालिका पंचायत सचिव महादेवी दाणेवार ने कराटे प्रशिक्षण, योग-प्राणायाम, बाल विवाह निषेध और बालिकाओं की शिक्षा हेतु चलाए जा रहे प्रयासों का विवरण प्रस्तुत किया।


* पीपीटी से विकास कार्यों की प्रस्तुति :- विद्यालय परिसर में ग्रामपंचायत द्वारा किए गए विकास कार्यों की पीपीटी प्रस्तुति दी गई। स्वच्छता अभियान, बाल विवाह रोकथाम, नशामुक्ति और दहेज निषेध जैसे उपक्रमों की अतिथियों ने विशेष सराहना की और पंजाब में भी ऐसे अभियानों को लागू करने का संकल्प व्यक्त किया। बालिका पंचायत को पंजाब आने का निमंत्रण भी दिया गया।


* स्वच्छता की सराहना ; प्राचीन जल-व्यवस्था से प्रभावित अतिथि :- गांव भ्रमण के दौरान हर रविवार होने वाले स्वच्छता अभियान की प्रशंसा की गई। चालुक्यकालीन 18 कुओं और 2 बावड़ियों की जानकारी लेकर उस दौर की जलापूर्ति व्यवस्था की अद्भुत स्थापत्य कला से अतिथि प्रभावित हुईं। कुओं का पानी चखकर उन्होंने कहा, “यह पानी मीठा है।”


सुबह 11.30 से शाम 4.30 बजे तक चले कार्यक्रम के समापन पर येरगी से विदा लेते समय अतिथियों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि “इतना स्नेह और सम्मान हमें कहीं और अनुभव नहीं हुआ।” कार्यक्रम के दौरान मरखेल पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक आर. एम. हुंडेकर के मार्गदर्शन में कड़ा बंदोबस्त रहा। स्वास्थ्य विभाग, महावितरण, कृषि विभाग, तहसील कार्यालय, शिक्षकवृंद और ग्रामवासियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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