* डॉं. बाबासाहेब आंबेडकर का नाम न लेने का आरोप
* पाचोरा में आंबेडकरी समाज का तीव्र विरोध प्रदर्शन
पाचोरा / संवाददाता :- गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिए गए भाषण में संविधान निर्माता महामानव डॉं. बाबासाहेब आंबेडकर का नाम जानबूझकर नहीं लेने का आरोप लगाते हुए पाचोरा के सकल आंबेडकरी समाज ने नाशिक जिले के पालकमंत्री गिरीश महाजन के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के बाद समाज की ओर से पुलिस प्रशासन को लिखित निवेदन सौंपते हुए मांग की गई कि गिरीश महाजन पर एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए, वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दें।
आंदोलकों का कहना है कि गणतंत्र दिवस का अस्तित्व ही डॉं. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा रचित संविधान के कारण है। ऐसे पावन अवसर पर बाबासाहेब का नाम न लेना केवल एक चूक नहीं, बल्कि दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और संविधान का अपमान है। इसी कारण यह मामला अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून के अंतर्गत आता है, ऐसा दावा आंबेडकरी समाज के पदाधिकारियों ने किया है।
विरोध प्रदर्शन के बाद आंबेडकरी समाज की ओर से पाचोरा पुलिस प्रशासन को निवेदन दिया गया। इसमें चेतावनी दी गई कि यदि मंत्री गिरीश महाजन के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
आंदोलकों ने स्पष्ट कहा कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी या राजनीति से जुडा नहीं है, बल्कि सामाजिक सम्मान और अस्मिता से संबंधित है। बाबासाहेब के विचारों और योगदान को नकारना पूरे दलित समाज का अपमान है।
आंबेडकरी समाज ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक मंत्री गिरीश महाजन के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से इस गंभीर विषय पर तुरंत दखल लेने की मांग की गई है।
इस घटना के बाद पाचोरा तहसील क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।
