* पंचायत भूमि से हटाया गया वर्षों पुराना अतिक्रमण
* सरपंच की पहल पर तहसीलदार लामता की सख्ती
* कथित राजनीतिक दबाव के बावजूद नहीं रुकी कार्रवाई
लामता (बालाघाट) / शैलेंद्र सिंह सोमवंशी :- ग्राम पंचायत गुडरू में पंचायत भवन के आसपास स्थित शासकीय भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को लेकर आखिरकार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बडी कार्रवाई की है। सरपंच की ठोस पहल और ग्राम पंचायत द्वारा की गई शिकायत के बाद तहसीलदार लामता ने राजस्व व पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से अतिक्रमण हटवाया। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में स्पष्ट संदेश गया है कि शासकीय व पंचायत भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत गुडरू के पंचायत भवन के इर्द-गिर्द स्थित खसरा नंबर 89 की शासकीय भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण किया गया था। इस संबंध में वर्ष 2024 में ग्राम पंचायत द्वारा तहसील न्यायालय, लामता में शिकायत दर्ज कराई गई थी। प्रकरण पर सुनवाई के बाद तहसीलदार लामता द्वारा 16 जनवरी 2026 को सभी पक्षों को सुनते हुए बेदखली आदेश पारित किया गया तथा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए। आदेश के पालन में 4 फरवरी 2026 को तहसीलदार लामता की उपस्थिति में राजस्व निरीक्षक, चांगोटोला हल्का पटवारी, पुलिस बल व प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
* कथित राजनीतिक हस्तक्षेप के बावजूद नहीं झुका प्रशासन :- इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह रही कि ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्रीय विधायक द्वारा कथित रूप से हस्तक्षेप किए जाने के बावजूद प्रशासन अपने निर्णय पर अडिग रहा और कानून के तहत पंचायत भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित प्रकरण पर निष्पक्ष कार्रवाई कर प्रशासन ने अपनी इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।
* ग्रामीणों ने जताया संतोष, विकास कार्यों की उम्मीद :- अतिक्रमण हटने के बाद गुडरू पंचायत के ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब पंचायत की भूमि पर विकास कार्यों का रास्ता साफ होगा। लंबे समय से अतिक्रमण के कारण रुके हुए निर्माण एवं अन्य विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जा सकेंगे।
* सरपंच प्रतिनिधि व पंच ने दी जानकारी :- सरपंच प्रतिनिधि लेखचंद बघेल ने बताया कि ग्राम पंचायत गुडरू की पंचायत भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण किया गया था। वर्ष 2024 में इस संबंध में तहसील न्यायालय लामता में शिकायत दर्ज कराई गई थी। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद तहसीलदार लामता द्वारा 16 जनवरी 2026 को बेदखली आदेश पारित कर अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए, जिसके पालन में 4 फरवरी 2026 को पंचायत भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
गुडरू पंचायत के पंच चैनसिंह नगपुरे ने बताया कि यह प्रकरण करीब तीन वर्षों से तहसील न्यायालय में लंबित था। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय द्वारा बेदखली आदेश पारित किया गया। पूर्व में इस प्रकरण में परसवाड़ा विधायक द्वारा हस्तक्षेप किए जाने की चर्चा भी सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कानून सम्मत कार्रवाई की।
इस पूरे मामले में तहसीलदार लामता से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन तहसीलदार टेकाम द्वारा इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई।
