* पत्नी की कथित प्रताड़ना से युवक की आत्महत्या
* 10 महीने बाद भी परिजनों को नहीं मिला न्याय
* मर्ग डायरी अब तक न्यायालय में पेश नहीं
लामता / शैलेंद्र सिंह सोमवंशी :- लामता थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। पत्नी की कथित प्रताड़ना से टूटकर युवक सागर नाकतोड़े द्वारा 20 मार्च 2025 को आत्महत्या किए जाने के मामले में करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद न तो निष्पक्ष जांच पूरी हुई है और न ही मर्ग डायरी अब तक न्यायालय में प्रस्तुत की गई है। इससे पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
मृतक के माता-पिता का आरोप है कि थाने से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों और जनसुनवाई तक कई बार गुहार लगाने के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। परिजनों का कहना है कि मर्ग डायरी को जानबूझकर रोका जा रहा है, जिससे मामला दबाने की कोशिश का संदेह और गहरा हो गया है। सवाल यह उठता है कि क्या दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है ?
* क्या है पूरा मामला ? :- फरियादी गौतम नाकतोड़े के अनुसार उनका पुत्र सागर नाकतोड़े रेलवे विभाग में गैंगमैन के पद पर मुंडीकोटा में पदस्थ था। उसकी शादी ब्रह्मपुरी (महाराष्ट्र) की युवती से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के 3 - 4 महीने बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया और पत्नी मायके चली गई। इसके बाद दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज हुआ, जिससे सागर मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगा। आरोप है कि पत्नी और उसके माता-पिता मुंडीकोटा जाकर भी उसे प्रताड़ित करते थे।
इसी मानसिक तनाव के बीच सागर छुट्टी लेकर लामता आया हुआ था। 20 मार्च 2025 को उसने अपने निवास के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का दावा है कि सागर की जेब से सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें पत्नी और ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख था।
परिजनों का यह भी आरोप है कि मृतक की पत्नी और उसके मायके पक्ष का कोई भी व्यक्ति अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। अंतिम संस्कार के बाद पत्नी सीधे थाने पहुंची और ग्राम पंचायत से मृत्यु प्रमाणपत्र की मांग कर अगले दिन लौट गई। इसके बाद भी ससुराल पक्ष का कोई व्यक्ति संपर्क में नहीं आया।
* जांच पर उठे सवाल :- परिजनों का आरोप है कि घटना के इतने महीनों बाद भी लामता पुलिस ने निष्पक्ष जांच नहीं की और मर्ग डायरी न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गई। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बालाघाट और जनसुनवाई में शिकायत भी की, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
* परिजनों की मांग :- मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएं, दोषियों पर कडी कानूनी कार्रवाई हो, मृतक सागर नाकतोड़े के परिजनों को न्याय दिलाया जाएं, ऐसी मांग परिजनों की है।
* पुलिस का पक्ष :- इस मामले में लामता थाना प्रभारी नितिन पटले ने दूरभाष पर बताया कि सागर नाकतोड़े की मर्ग रिपोर्ट तैयार कर 17 जनवरी 2025 को अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (परसवाड़ा) को अभिमत हेतु भेज दी गई है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अरविंद शाह, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (परसवाड़ा) ने बताया कि मर्ग रिपोर्ट की जांच के बाद इसे पुलिस अधीक्षक को भेज दिया गया है और शीघ्र ही मर्ग डायरी न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यही है की, क्या पीड़ित परिवार को समय रहते न्याय मिलेगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा ?
