मानव सेवा फाउंडेशन द्वारा निरंतर सेवाभावी अन्नदान का संकल्प

* हर शनिवार अकोला महिला रुग्णालय में जरूरतमंदों के लिए भोजन वितरण ; समाजसेवा की प्रेरणादायी मिसाल

अकोला / संवाददाता :- “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है” इस मूलमंत्र को अपनाते हुए मानव सेवा फाउंडेशन सामाजिक एवं सार्वजनिक मंडल, अकोला नवंबर 2018 से 24 जनवरी 2026 तक लगातार सेवाभावी कार्य कर रहा है। इस अवधि में एक भी शनिवार छोड़े बिना, हर सप्ताह सुबह ठीक 9 बजे अकोला जिला शासकीय महिला रुग्णालय में मरीजों के परिजनों एवं गरीब जरूरतमंदों को अन्नदान किया जा रहा है। 

मानव सेवा फाउंडेशन का कार्य केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी उपक्रम संचालित किए जा रहे है। हर वर्ष नवंबर या दिसंबर माह में खुले आसमान के नीचे सोने वाले जरूरतमंदों को कंबल और कानटोपी वितरित की जाती है। इसके अलावा 15 अगस्त और 26 जनवरी को जिला शासकीय महिला रुग्णालय में मरीजों और उनके परिजनों को बिस्किट वितरण किया जाता है।

दीपावली के अवसर पर रुग्णालय में मरीजों के परिजनों के साथ दिवाली फराल (मिठाई व नाश्ता) बांटकर पर्व मनाया जाता है। इन निरंतर उपक्रमों के कारण मानव सेवा फाउंडेशन अकोला में समाजसेवा का एक सशक्त केंद्र बन चुका है।


नियमित कार्यक्रम के अंतर्गत 24 जनवरी 2026 को सुबह 9 बजे जिला शासकीय महिला रुग्णालय में अन्नदान संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन अकोला महानगरपालिका के नवनिर्वाचित नगरसेवक, प्रभाग क्रमांक 14 के पराग गवई के हाथों किया गया। इस दिन के अन्नदान के अन्नदाता बबनराव सोलंके रहे, जिन्होंने अपने जन्मदिन के अवसर पर संपूर्ण अन्नदान का खर्च स्वयं वहन किया। यह पहल उपस्थितजनों के लिए विशेष प्रेरणास्पद रही।


कार्यक्रम के दौरान नगरसेवक पराग गवई ने मानव सेवा फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते हुए संस्था की सदस्यता लेने की इच्छा व्यक्त की और औपचारिक रूप से सदस्यता स्वीकार की। समाजसेवा में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से फाउंडेशन के कार्यों को नई ऊर्जा मिली है।


इस अवसर पर मानव सेवा फाउंडेशन के अनेक सदस्य उपस्थित थे, जिनमें राजेश धनगांवकर, विवेक सातपुते सर, राहुल खंडालकर, सीताराम मुंदडा, कैलास खरात, कैलास हिवराळे, प्रो. रवि अण्णा देशमुख, जयश्रीताई देशमुख, नारायण भाला (मामा), सिद्धार्थ इंगळे सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी का स्वागत एवं आभार विवेक सातपुते सर ने व्यक्त किया।


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