* जयंती के दिन केवल श्रद्धांजलि और फोटोशूट
* शिवसृष्टी की अनदेखी पर नगर परिषद की गंभीर लापरवाही
कर्जत / नरेश जाधव :- आज 12 जनवरी को राजमाता जिजाऊ की जयंती के अवसर पर शहर में जगह-जगह श्रद्धांजलि कार्यक्रम, पुष्पहार अर्पण और फोटोशूट होते नजर आए। लेकिन दूसरी ओर कर्जत शहर स्थित राजमाता जिजाऊ उद्यान (शिवसृष्टी) की दयनीय स्थिति ने नागरिकों में तीव्र नाराजगी पैदा कर दी है। स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि विधायक, नवनिर्वाचित नगराध्यक्ष और कर्जत नगर परिषद के मुख्याधिकारी ने इस ओर समय रहते कदम क्यों नहीं उठाया ? करीब 11 - 12 दिन पहले कई अखबारों में उद्यान की बदहाली को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं। उस समय मुख्याधिकारी ने 8 दिनों के भीतर मरम्मत का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके, जयंती का दिन आ जाने पर भी उद्यान में कोई ठोस सुधार न होने से नगर परिषद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खडे हो गए है।
दहिवली क्षेत्र में नदी किनारे बने इस उद्यान में छत्रपति शिवाजी महाराज की शिवशोभा को दर्शाने वाली मावलों की प्रतिमाएं बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। दो मावलों की तलवारें टूट गई हैं, प्रतिमाओं के रंग उड़ चुके हैं और वे विकृत अवस्था में दिखाई दे रही हैं। इससे शिवसृष्टी के माध्यम से दिया जाने वाला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदेश भी धूमिल होता जा रहा है।
जो उद्यान कभी शहर की सुंदरता बढ़ाता था और बच्चों, अभिभावकों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान था, वही आज प्रशासन की उदासीनता के कारण उपेक्षित नजर आ रहा है। नागरिकों का कहना है कि जयंती के दिन केवल औपचारिक कार्यक्रम करना और विरासत स्थलों की देखभाल न करना, यह मात्र दिखावटी श्रद्धांजलि बनकर रह गई है।
नागरिकों की ओर से मांग की जा रही है कि उद्यान में टूटे हुए खेल उपकरणों और प्रतिमाओं की तुरंत मरम्मत की जाए, बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खेल साधनों को उपयोग योग्य बनाया जाए तथा भविष्य में नियमित रखरखाव और निगरानी की ठोस व्यवस्था की जाए।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राजमाता जिजाऊ की जयंती के अवसर पर उठे इस सवाल के बाद नगर परिषद प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
