करनाल में भव्य कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह आयोजित

* 'मन की उड़ान’ साहित्यिक संस्था के मंच से साहित्य, संस्कृति और संवेदनाओं की ऊँची उडान

करनाल (हरियाणा) / संवाददाता :- मन की उड़ान साहित्यिक संस्था, करनाल (हरियाणा) के तत्वावधान में एम. डी. डी. बाल भवन सभागार में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशविदेश से आए कवि, कवयित्रियों और शायरों ने काव्यपाठ के माध्यम से श्रोताओं को भावनाओं, विचारों और साहित्यिक सौंदर्य से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉं. धर्म देव विद्यार्थी, निदेशक, हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर डॉं. एस. के. शर्मा, पूर्व निदेशक स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रवेश शर्मा तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉं. महावीर प्रसाद शास्त्री मौजूद रहे। विशेष अतिथियों में पी. आर. नाथ, परमिंदर पाल सिंह एवं सुरेन्द्र सिंह मान (एम.डी.डी. बाल भवन) सम्मिलित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। संस्था के संस्थापक रामेश्वर ‘देव’ एवं संस्था अध्यक्ष पूनम गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया। कवि सम्मेलन की शुरुआत कुमारी खुशबू द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद काव्य-पाठ का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

कार्यक्रम अध्यक्ष डॉं. एस. के. शर्मा ने अपनी शायरी में कहा की,  “कोई मुझ से पूछे मैं क्या चाहता हूँ, मैं बस उनकी मोहब्बत चाहता हूँ…” मुख्य अतिथि डॉं. धर्म देव विद्यार्थी ने हरियाणवी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा की, “हरि-हरि हरियाणा रटते बीती रे उमरिया, बिन हरियाणवी भाषा के भाई आवे न निदरिया।” विशिष्ट अतिथि प्रवेश शर्मा ने कहा कि ऐसे साहित्यिक कार्यक्रमों से हमारी सभ्यता और संस्कृति को निरंतर ऊर्जा मिलती है।

कार्यक्रम में अनेक कवियों व शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। प्रमुख प्रस्तुतियों में  रामेश्वर ‘देव’ : “जिधर से तुम गुजरते हो महक तो आ ही जाती है…” पूनम गोयल : “ओ री सखी कड़वी ही सही मगर एक बात कहूँगी…” दलीप खरेरा : नारी उत्पीड़न पर मार्मिक कविता, प्रयागराज से पधारे अंतरराष्ट्रीय युवा शायर तनवीर, मशहूर युवा शायर जमाल हसनपुरी, अंजू शर्मा, डॉं. आर. बी. कपूर, नूर शम्स इलाहाबादी, सुमन मुस्कान, जय सिंह जीत (झज्जर), वरिष्ठ शायर इकबाल पानीपती, सिराज पैकर, प्रेम पाल सागर, डॉं. जयवर्धन, विजय एहसास, ममता प्रवीण, गुरविंदर कौर गुरी, राधेश्याम भारतीय, युवा शायर अशोक मलंग, भारत भूषण, गुरमुख सिंह वड़ैच, आशीष ताज, राजकुमार मायूस, अनूजा कपूर, वीरेंद्र कुमार आदी ने अपनी कविताओं व ग़ज़लों से खूब तालियाँ बटोरीं।

मन की उड़ान साहित्यिक संस्था की ओर से सभी अतिथियों, कवियों, कवयित्रियों व शायरों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्था संरक्षक सुरेन्द्र सिंह मान ने सभी का आभार व्यक्त किया। भारी संख्या में उपस्थित श्रोताओं ने शायरी और कविताओं का भरपूर आनंद लिया। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना को समर्पित यह कवि सम्मेलन करनाल की साहित्यिक परंपरा में एक यादगार अध्याय बनकर दर्ज हुआ।

Post a Comment

Previous Post Next Post