* नगरदेवला गांव के पवित्र शनि महाराज मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर खुले में शौच ; ग्रामीणों व श्रद्धालुओं में तीव्र आक्रोश
नगरदेवला / संवाददाता :- नगरदेवला गांव का शनि महाराज मंदिर गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के सैकडों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर शनिवार, शनि अमावस्या तथा विभिन्न धार्मिक पर्वों पर बडी संख्या में श्रद्धालु शनि महाराज के दर्शन के लिए यहां आते है। लेकिन इतने पवित्र और श्रद्धा के स्थान की ओर जाने वाले रास्ते आज गंभीर गंदगी और अस्वच्छता की चपेट में है, जिससे गांव और मंदिर की पवित्रता पर सवाल खडे हो रहे है।
गांव के गणपती दरवाजा से लक्ष्मण कुंभार की आवा (मिट्टी के बर्तन पकाने की भट्टी) तक का मार्ग, साथ ही आगे बुरुज से बंधारे तक का पूरा क्षेत्र खुले में शौच के कारण दुर्गंध से भरा हुआ है। खासतौर पर रात और तड़के सुबह के समय इन रास्तों पर बडे पैमाने पर लोग खुले में शौच के लिए बैठते है, जिससे मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पडता है।
इतना ही नहीं, पानी की टंकी की ओर से आने वाला रास्ता और शिंदोल की दिशा से आने वाला मार्ग भी खुले में शौच से अछूते नहीं है। सैकड़ों श्रद्धालुओं के आस्था स्थल और नगरदेवला नगरी के आराध्य देवता शनि महाराज के मंदिर तक जाने वाले रास्तों की यह हालत देखकर श्रद्धालुओं में तीव्र नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए गए है, लेकिन बाजारपेठ से शनि मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर, गणपती दरवाजे के पास शनि महाराज के नाम से प्रवेशद्वार क्यों नहीं बनाया गया ? इस सवाल को लेकर श्रद्धालु असंतोष जता रहे है। उनका मानना है कि ऐसा प्रवेश द्वार बनने से मंदिर का मार्ग पहचानने में आसानी होगी और उस क्षेत्र का सौंदर्यीकरण व स्वच्छता पर भी ध्यान जाएगा।
कई श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि शनि महाराज मंदिर जाने वाला रास्ता स्वच्छ हो जाए, तो गांव की “साढ़ेसाती” खत्म होगी, गांव में फिर से सुख-शांति आएगी और रुका हुआ विकास दोबारा गति पकड़ेगा। लेकिन इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधि कब इस ओर ध्यान देंगे, यह सवाल अब जोर पकड़ने लगा है।
‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत गांव-गांव स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है, ऐसे में आस्था स्थल की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों की यह हालत शर्मनाक बताई जा रही है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन, ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे खुले में शौच रोकने के लिए ठोस उपाय करें, शनि मंदिर जाने वाले सभी रास्तों को साफ-सुथरा बनाएं और श्रद्धालुओं को स्वच्छ व पवित्र वातावरण में दर्शन करने का अवसर प्रदान करें।
