निर्मल इंटरनेशनल स्कूल में ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का सीधा प्रसारण

* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छात्रों से संवाद

* ‘परीक्षा योद्धा बनो, शिकार नहीं’ मंत्र से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास

पाचोरा / फिरोज पिंजारी :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण निर्मल इंटरनेशनल स्कूल, पाचोरा में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यालय की कक्षा छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों तथा शिक्षकगण ने एक साथ इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में सहभाग लिया।

इस अवसर पर विद्यालय की अध्यक्षा वैशालीताई नरेंद्रसिंह सूर्यवंशी, प्राचार्य गणेश राजपूत, जनसंपर्क अधिकारी आई. बी. सिंह, समन्वयक स्नेहल पाटील सहित शिक्षकवर्ग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर होने वाले तनाव को कम करना तथा उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना था।


कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “परीक्षा योद्धा बनो, परीक्षा के शिकार नहीं,” और विद्यार्थियों से परीक्षा का सामना डर के बजाय साहस के साथ करने का आह्वान किया। रटने की प्रवृत्ति छोड़कर विषयों को समझकर पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कठिन विषयों से बचने के बजाय पहले उन्हें समझने का प्रयास करें।


‘तनावमुक्त परीक्षा’ की अवधारणा पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अंकों से अधिक ज्ञानार्जन को महत्व देने की बात कही। समय प्रबंधन, अध्ययन में निरंतरता, विश्राम का महत्व तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच से आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा का तनाव स्वतः कम होता है।


अभिभावकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “बच्चों पर अपेक्षाओं का बोझ न डालें, उन्हें समझें और प्रोत्साहित करें।” उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए माता-पिता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।


इस कार्यक्रम से विद्यालय के शिक्षकों को भी प्रेरणा मिली। छात्रों का शैक्षणिक मार्गदर्शन करते समय उनकी मानसिक तैयारी, आत्मविश्वास बढ़ाना और सही दिशा देना कितना महत्वपूर्ण है, यह इस संवाद से स्पष्ट हुआ।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की अध्यक्षा वैशालीताई नरेंद्रसिंह सूर्यवंशी ने छात्रों व शिक्षकों को मार्गदर्शन देते हुए कहा, “परीक्षा जीवन का एक पड़ाव है, अंतिम लक्ष्य नहीं। डर नहीं, तैयारी ही सफलता का मूल मंत्र है।”


उन्होंने सभी विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और अनुशासित अध्ययन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम से निर्मल इंटरनेशनल स्कूल में उत्साह का माहौल बना हुआ है और विद्यार्थी-शिक्षक आगामी परीक्षाओं के लिए नए जोश के साथ तैयार नजर आ रहे है।

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