डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस द्वारा मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

* अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर छात्रों व शिक्षकों को अधिकारों की दी गई जानकारी

बिजनौर / संवाददाता :- अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस की बिजनौर यूनिट द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ कैड स्टूडियो मैनेजमेंट के सहयोग से एक मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस के उत्तर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉं. सलाहउद्दीन ने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ कैड स्टूडियो मैनेजमेंट के समस्त पदाधिकारियों, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर प्राप्त हुआ, जो अत्यंत सराहनीय है।


* मानवाधिकारों का ऐतिहासिक महत्व बताया :- डॉं. सलाहउद्दीन ने कहा कि 10 दिसंबर 1948 को मानवाधिकारों को वैश्विक पहचान तब मिली जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणापत्र को अपनाया। इस घोषणा पत्र में 30 मूलभूत मानवाधिकारों का उल्लेख है, जिनमें जीवन का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, रोजगार का अधिकार तथा भेदभाव से मुक्ति का अधिकार प्रमुख है। उन्होंने कहा कि आज भी दुनिया के कई हिस्सों में मानवाधिकारों का उल्लंघन एक गंभीर समस्या बना हुआ है, जिसके प्रति समाज में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।


* वक्ताओं ने रखे विचार :- कार्यक्रम में तस्लीम अहमद, असलम इरफान, इमरान खान (जिला कार्यकारी अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता), मास्टर सोपाल सिंह, अजीम अहमद, मोहम्मद फहीम, मोहम्मद नवाज, आसिफ रहमानी, मुस्तकीम नेताजी सहित अन्य वक्ताओं ने मानवाधिकारों के संरक्षण व जागरूकता पर अपने विचार व्यक्त किए।


* कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन :- कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट नदीम ने की। वहीं इंस्टीट्यूट संचालक एवं जिला उपाध्यक्ष तस्लीम अहमद ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने मानवाधिकारों से संबंधित जानकारी को उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।


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