राष्ट्रीय राजमार्ग 543 पर मौत के गड्ढे

* बालाघाट जिले के लामटा में सड़क दलदल में तब्दील, वाहन चालकों की जान जोखिम में - विभाग मौन

बालाघाट / शैलेंद्र सिंह सोमवंशी :- जिले के लामता क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 543 की हालत जर्जर हो चुकी है। महकारी पुल से लेकर तहसील कार्यालय तक पूरी सडक जगह जगह गहरे गड्ढों से भर गई है। बेमौसम बारिश के चलते ये गड्ढे अब दलदल का रूप ले चुके है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है और हर पल दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।


गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को सडक का स्तर और गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती। नतीजा ये है की, बाइक फिसलना, वाहन फंसना और हादसों का खतरा निरंतर बढता जा रहा है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि सडक निर्माण के बाद से ही इस मार्ग पर उचित मरम्मत नहीं की गई। विभाग द्वारा समय-समय पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही है, जिससे गड्ढे जस के तस रह गए हैं।


* शारदा मंदिर क्षेत्र में पुलिया धंसने की आशंका :- लामता शारदा मंदिर के पास बनी पुलिया लगभग 2 से 3 फीट धंस चुकी है। इस पुलिया पर हमेशा पानी भरा रहता है और ग्रामीणों को आशंका है कि यह पुलिया कभी भी धंस सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि सडक की दुर्दशा रोज बढ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।


* बालाघाट - नैनपुर मार्ग भी जोखिम भरा :- इसी प्रकार बालाघाट से नैनपुर तक भी सडक में कई जगह बडे और जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि विभागीय अधिकारी किसी बडे हादसे का इंतजार कर रहे है।


* जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल :- लामता क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर सक्रिय नहीं है। न मरम्मत की पहल, न गुणवत्तापूर्ण सुधार कार्य, जिससे नागरिकों में रोष बढ रहा है।


* स्थानीयजन की मांग :- सडक का तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जाएं, दलदल रूपी गड्ढों को भरकर आवागमन सुरक्षित बनाया जाएं, पुलिया की सुरक्षा जांच कर मजबूतकरण किया जाएं, गुणवत्ता आधारित निर्माण सुनिश्चित हो। 


लामटा व आसपास के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। सडक की बदहाली के बीच रोज सफर करने वाले लोग अब एक ही सवाल पूछ रहे है। आखिर कब सुधरेगी हमारी सडक, कब रुकेगा हादसों का सिलसिला ? 



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