डॉं. जयसिंह आर्य ‘श्री राम राष्ट्रीय कविरत्न’ सम्मान से हुए सम्मानित

* अयोध्या धाम में भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन - देशभर से आए श्रेष्ठ कवियों ने राममय काव्य से कार्यक्रम को किया आलोकित

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) / संवाददाता :- पावन अयोध्या धाम स्थित केशरी उदासीन संगत ऋषि आश्रम के भव्य सभागार में “श्रीराम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था” के तत्वावधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बनारस, जबलपुर सहित देश के विभिन्न शहरों से आए नामचीन कवियों ने अपनी राममय रचनाओं से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना द्वारा बीणा गोयल (पिलखवा) ने किया। संचालन की जिम्मेदारी युवा कवि मुल्कराज आकाश (हापुड़) ने संभाली, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय गीतकार डॉं. जयसिंह आर्य (नई दिल्ली) ने की।


कार्यक्रम में हलचल हरियाणवी, त्रिलोक फतेहपुरी, दलबीर फूल (रिवाड़ी), डॉं. ओंकार त्रिपाठी (आजमगढ़), हरिनाम शुक्ल (सुल्तानपुर), पंकज अंगार (झांसी), रामजी लाल वर्मा (मुंबई), अनीता मौर्य (कानपुर), महेंद्र तिवारी अलंकार (बनारस) शामिल हुए। कवियों के काव्य पाठ में भक्ति, देशभक्ति और रामचरित्र का अद्भुत संगम देखने को मिला।


* डॉं. जयसिंह आर्य का दमदार काव्य पाठ :- डॉं. आर्य ने अपने काव्य में दुष्ट प्रवृत्तियों पर प्रहार करते हुए और श्रीराम की महिमा का गुणगान करते हुए कहा की,

“इनका संहार देख लेना तुम,

दुष्टों की हार देख लेना तुम,

सारे रावण मरेंगे निश्चित ही,

राम का वार देख लेना तुम…”

उनके देशभक्ति गीत पर भी सभा में जोश भरपूर देखने को मिला।

“टकुर-टकुर कर देख रहे हैं दुनिया के शैतान,

शिखर पर मेरा हिन्दुस्तान…”

उनके हर गीत पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और भारत माता के जयघोष से गूंज उठा।


* डॉं. जयसिंह आर्य को मिला ‘श्री राम राष्ट्रीय कवि रत्न’ सम्मान :- इस भव्य अवसर पर डॉं. जयसिंह आर्य को उनके साहित्यिक योगदान और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत काव्य के लिए “श्री राम राष्ट्रीय कवि रत्न अवार्ड” से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का संचालन और संयोजन पिलखवा के विख्यात गीतकार श्री अशोक गोयल ने किया। अतिथि कवियों का सम्मान श्रीरामजी के प्रतीक चिन्ह, मेडल, शाल और श्रीफल प्रदान कर किया गया।


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