तंत्र साधना के नाम पर कछुए की तस्करी!

* पश्चिम लांजी वन परिक्षेत्र की बडी कार्रवाई, नौ आरोपी गिरफ्तार

* कछुए पर “धन वर्षा” कराने का अंधविश्वास फैलाने वालों का पर्दाफाश

* जीवित कछुए बरामद - वन विभाग ने जोखिमों को लेकर चेताया

लांजा / शैलेंद्र सिंह सोमवंशी :- पश्चिम लांजी वन परिक्षेत्र की टीम ने तंत्र साधना और धनवर्षा कराने जैसे अंधविश्वास के नाम पर कछुए की तस्करी करने वाले नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को शनिवार को लांजी न्यायालय में पेश किया गया। पूछताछ में बडा खुलासा करते हुए आरोपियों ने बताया कि वे कछुओं पर तंत्र क्रिया कर पैसा बढाने की योजना बना रहे थे।

वन विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वन्य प्राणियों के साथ छेड़छाड़, तंत्र-मंत्र या धन आकर्षण जैसी बातों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और ऐसे अंधविश्वास नहिसे दूर रहने की अपील की।

* नाकेबंदी में पकड़ाया तस्करी का जाल :- प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 नवंबर की रात ग्राम पौनी क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर वन अमले ने कोसमारा - लांजी मार्ग पर नाकेबंदी की। एक संदिग्ध चारपहिया वाहन को रोका गया। उसकी तलाशी में दो जीवित कछुए बरामद किए गए। जो भारतीय वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षित श्रेणी में आते है। कछुए को तस्करी की नियत से पकड़ा गया था, जो स्पष्ट अपराध है।

वन विभाग ने चैनलाल पिता गोंदीलाल ठाकरे (56) पानगांव किरनापुर, राजेश पिता पांडुरंग बावने (40) लोहारा किरनापुर, श्रीराम पिता गुलाबचंद नागेश्वर (36) टेमनी लांजी, विष्णु पिता राधेलाल बिसेन (44) बिलगांव लांजी, राजाराम पिता दशरथ मेश्राम (60) लोहारा किरनापुर, आशीष पिता दिलीप मंडलेकर (26) पलेरा किरनापुर, दीपक पिता रमेशसिंह चौहान (31) टेमनी लांजी, ससेन्द्र पिता सुरेन्द्र सिंह चंदेल (21) टेमनी लांजी, कोमल पिता सुरजलाल घोरमार (26) किरनापुर इन नौ लोगों को हिरासत में लिया गया। सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए पश्चिम लांजी परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया। प्रकरण वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

* वन विभाग की चेतावनी - अंधविश्वास से बचें, अपराधी न बनें :- वन विभाग ने बताया की, वन्यप्राणी भी इंसानों की तरह जीवित प्राणी है। न तो कछुए पर तंत्र साधना संभव है, न धनवर्षा, न चमत्कार...कुछ कथित “बाबा” अपनी दुकान चलाने के लिए ऐसे भ्रम फैलाते है। जनता को इनके बहकावे में न आने और वन्यजीवों को नुकसान न पहुँचाने की सख्त अपील की गई है।

इस कार्रवाई ने अंधविश्वास पर आधारित वन्यजीव तस्करी के एक बडे नेटवर्क को सामने लाया है। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधों पर सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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