मुंबई / शमा ईरानी :- जकात सेंटर इंडिया जकात के कुशल इस्तेमाल के माध्यम से गरीबी हटाओ और सामाजिक कल्याण के लिए समर्पित है। इसका मिशन शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, रोजी रोटी का इंतेजाम करने पर ध्यान केंद्रित करके देश में मुस्लिम समुदाय के उपेक्षित वर्गों की तरक्की करना तथा बेहद गरीब परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
अपनी स्थापना से केवल तीन वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए ज़कात सेंटर के चेयरमैन एस अमीनुल हसन ने कहा, “अल्लाह की मेहरबानी और हमारे दानकर्ताओं, काम करने वालों और लाभार्थियों के अटूट समर्थन से ज़कात सेंटर ने लगभग 5,000 लोगों के जीवन को बदल दिया और उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाया है।”
उन्होंने कहा, “2022 में अपनी स्थापना के समय से इसने महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना सहित 11 राज्यों के 20 से अधिक शहरों में अपना विस्तार किया है। इस अखिल भारतीय उपस्थिति ने हमें योग्य समुदायों तक पहुंचने और गरीबी चक्र को तोड़ने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने में सक्षम बनाया है।”
उन्होंने आगे बताया कि ज़कात सेंटर इंडिया का मकसद तीन प्रमुख क्षेत्रों – रोजगार सहायता, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित है। विगत तीन वर्षों में ज़कात दानकर्ताओं ने सेंटर की सहायता से हजारों व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया है। लाभार्थियों से प्राप्त फीडबैक से पता चलता है कि इन प्रयासों का गहरा प्रभाव रहा है।
जेडसीआई अध्यक्ष ने कहा, “हम जकात का उपयोग इस नजरिए के साथ करते हैं कि लाभार्थियों को न केवल तुरंत राहत प्रदान की जाए, बल्कि उन्हें लंबे समय तक आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएं।”
2024 में सेंटर ने ज़कात को निम्नानुसार वितरित किया: रोजगार सहायता के लिए 63%, राशन, पेंशन और स्वास्थ्य के लिए 18%, कौशल विकास और शिक्षा के लिए 13% और तकनीकी खर्चों के लिए 6%. सेंटर के प्रयास पूरे भारत में लाभार्थियों तक पहुंचे हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या में महाराष्ट्र (1,050 लाभार्थी) में सहायता मिली है, इसके बाद क्रमशः मध्य प्रदेश (418) और बिहार (258) का स्थान है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हमारी उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि हम लोगों की कई आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।”
सेंटर का लक्ष्य अपने प्रयासों को 240 क्षेत्रों तक बढाना है। संस्था के सचिव ने अपील करते हुए कहा कि, “हम मुस्लिम समुदाय से आग्रह करते हैं कि वे ज़कात के अपने फ़र्ज़ को पूरा करें और इस नेक काम में योगदान दें। हम सब मिलकर बदलाव ला सकते है और जीवन को बदल सकते है। अधिक जानकारी या पूछताछ के लिए, लोग वेबसाइट zakatcenterindia.org पर जा सकते हैं या contact@zakatcenterindia.org पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते है।
